भगवान कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं(why we are celebrating lord Krishna birthday)
कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मनाई जाती है। यह हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है।
🌟 कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है?
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को रात के समय हुआ था। यह दिन अधर्म, अन्याय और पाप के विनाश के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में कंस के कारागार में हुआ था। उन्होंने आगे चलकर कंस का वध किया और धर्म की स्थापना की।
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🕉️ जन्माष्टमी मनाने के पीछे के मुख्य कारण:
1. भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में श्रीकृष्ण का जन्म।
2. अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश।
3. श्रीकृष्ण ने भागवत गीता का उपदेश दिया, जो जीवन का मार्गदर्शन करती है।
4. श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, भक्ति, करुणा और चतुरता का प्रतीक है।
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🙏 कैसे मनाई जाती है जन्माष्टमी:
व्रत और उपवास रखा जाता है।
मंदिरों और घरों में झूला सजाया जाता है।
माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है।
रात्रि 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
दही हांडी की परंपरा भी कई जगह होती है (विशेषकर महाराष्ट्र में)।
Krishna Janmashtami is celebrated in the joy of the birth of Lord Krishna. It is a major festival of Hinduism.
🌟 Why Krishna Janmashtami is celebrated?
Lord Shri Krishna was born on the Ashtami date of Bhadrapada month at night. This day is celebrated as a symbol of unrighteousness, injustice and destruction of sin. Sri Krishna was born in the prison of Kansa in Mathura. He later killed Kansa and established religion. Birth of Shri Krishna as the eighth incarnation of Lord Vishnu.
The message of victory of religion over unrighteousness.
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3. Shri Krishna preached the Bhagavata Gita, who guides life.
4. Sri Krishna's life is a symbol of love, devotion, compassion and cleverness. Hai.


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